Skip to main content

भगवान शंकर ने दिया है विष्णु को सुदर्शन चक्र, पौराणिक कथाओ अनुसार


भगवान विष्णु के हर चित्र व मूर्ति में उन्हें सुदर्शन चक्र धारण किए दिखाया जाता है। यह सुदर्शन चक्र भगवान शंकर ने ही जगत कल्याण के लिए भगवान विष्णु को दिया था। इस संबंध में शिवमहापुराण के...

-------------------------------------

एक बार जब दैत्यों के अत्याचार बहुत बढ़ गए तब सभी देवता श्रीहरि विष्णु के पास आए। तब भगवान विष्णु ने कैलाश पर्वत पर जाकर भगवान शिव की विधिपूर्वक आराधना की। वे हजार नामों से शिव की स्तुति करने लगे।...

-------------------------------------

शिव की माया के कारण विष्णु को यह पता न चला। एक फूल कम पाकर भगवान विष्णु उसे ढूंढने लगे। परंतु फूल नहीं मिला। भगवान विष्णु को कमलनयन भी कहा जाता है। तब विष्णु ने एक फूल की पूर्ति के लिए अपना एक नेत्र...

-------------------------------------

विष्णु ने उस चक्र से दैत्यों का संहार कर दिया। इस प्रकार देवताओं को दैत्यों से मुक्ति मिली तथा सुदर्शन चक्र उनके स्वरूप से सदैव के लिए जुड़ गया।

-------------------------------------

Comments

Popular posts from this blog

कहीं आप भी तो नही करते घर मे बने मंदिर मे यह गलतियाँ

सनातन धर्म में कहा गया है कि घर में मंदिर के होने से सकारात्मक ऊर्जा उस घर में बनी रहती है. आज बेशक हम विकसित होने की राह पर हैं किन्तु आज भी हिन्दू लोगों ने अपने संस्कार और संस्कृति का त्याग नहीं किया है. घर चाहे छोटा हो, या बड़ा, अपना हो या किराये का, लेकिन हर घर में मंदिर जरूर होता है सभी घरों में देवी-देवताओं के लिए एक अलग स्थान होता है। कुछ घरों में छोटे-छोटे मंदिर बनवाए जाते हैं। लेकिन हम जानकारी के अभाव में मंदिर में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो कि अशुभ होती है। आज मै राघव आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहा हूं, जो कि घर के मंदिरों में नहीं की जानी चाहिए।------------------------------------- घरकेमंदिरमेंसभीश्रीगणेशकीमूर्तियांतोरखतेहैं, लेकिनपूजाघरमेंकभीभीगणेशजीकी 3प्रतिमाएंनहींहोनाचाहिए।कहाजाताहैकिऐसाहोनेसहीनहींहोताहै।
-------------------------------------आपअपनेघरकेमंदिरमेंपूजाकरनेकेलिएशंखतोरखतेहीहोंगे, लेकिनकभीआपकेघरमेंदोशंखतोनहींहै।अगरमंदिरमेंदोशंखहैतोआपउनमेसेएकशंखहटादें। -------------------------------------घरकेमंदिरमेंज्यादाबड़ीमूर्तियांनहींरखनीचाहिए।बतायाजाताहैकियदिहम

चाणक्य की 10 नीतियां- आपके सुखी जीवन के लिए है जरुरी

जन्म
Ø ईसापूर्व 375पंजाब (आज से 2392 साल पहले)
मृत्यु
Ø ईसापूर्व 283पाटलिपुत्र (आज से 2300 साल पहले)
निवास
Ø  पाटलिपुत्र
अन्य नाम
Ø  कौटिल्य, विष्णुगुप्त
विद्यालय
Ø  तक्षशिला
व्यवसाय
Ø  चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री
उल्लेखनीयकाम
Ø  अर्थशास्त्र, चाणक्यनीति


आचार्य  चाणक्य  तक्षशिला  के  गुरुकुल  में  अर्थशास्त्र  के  आचार्य  थे।चाणक्य राजनीति  में  भी   काफी  पारंगत  थे।  इनके  पिता  का  नाम  आचार्य  चणीक  था , इसी  वजह  से  इन्हें  चणी  पुत्र  चाणक्य  भी  कहा जाता  है।  चाणक्य  ने  कूटनीतिज्ञ  तरीके से  सम्राट  सिकंदर  को भारत  छोड़ने  पर  मजबूर  कर  दिया  था  और  चंद्रगुप्त  को  अखंड  भारत  का  सम्राट  भी  बनाया।  आचार्य  चाणक्य  ने  श्रेष्ठ  जीवन  के  लिए  चाणक्य  नीति  ग्रंथ  रचा  था। इसमें  दी  गई  नीतियों  का  पालन  करने  पर  जीवन में  सफलताएं  प्राप्त  होती  हैं।  यहां  जानिए  चाणक्य  की 10 खास  नीतियां ...-------------------------------------1:- सेवक को तब परखे, जब बह काम नहीं कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई में, मित्र को संकट में और पत्नी को घोर बिपति में परखना चाहिए I
------------------…

ये हैं श्मशान व तंत्र साधना से जुड़ी ये 5 बातें, क्या जानते हैं आप?

तंत्रक्रियाओंकानामसुनतेहीजहनमेंअचानकश्मशानकाचित्रउभरआताहै।जलतीचिताकेसामनेबैठातांत्रिक, अंधेरीरातऔरमीलोंतकफैलासन्नाटा।आखिरक्योंअधिकांशतंत्रक्रियाएंश्मशानमेंहीकीजातीहैं।यदिआपकेमनमेंभीये