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ये हैं शनिदेव के 9 वाहन, कोई बनाता है मालामाल तो कोई कंगाल

ज्योतिषियों के अनुसार,जनवरी 2017 को शनि राशि परिवर्तन कर तुला से मकर में प्रवेश करेगा। इसका असर सभी राशियों पर अलग-अलग दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्यायाधीश कहा गया है यानी मनुष्यों के अच्छे-बुरे कामों का फल शनिदेव ही उसे देते हैं। शनिदेव जिस वाहन पर सवार होकर किसी की राशि में प्रवेश करते हैं, उसी के अनुसार उसे अच्छे-बुरे फल की प्राप्ति होती है।


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शनि चालीसा में शनिदेव के 7 वाहनों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा शनिदेव के अन्य वाहन भी हैं। मान्यता है कि शनिदेव जिस वाहन पर सवार होकर किसी की राशि में जाते हैं तो उस वाहन के अनुसार ही उसे फल प्राप्त होते हैं। शनिदेव के वाहनों की जानकारी इस प्रकार है-

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1.
सवारी हाथी:- ज्योतिष के अनुसार, जब शनिदेव हाथी पर सवार होकर  आते है तो उनके साथ धन की देवी लक्ष्मि का भी आगमन होता है 

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2. सवारी गधा;- शनिदेव जब गधे पर सवार होकर किसी की राशि में प्रवेश करते है तो उसके बनते काम भी नष्ट हो जाते है, हानि ही हानि होती है 

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3.सवारी शेर;- शेर पर शनिदेव की सवारी का राज काज व् समाज में प्रसिद्धि व् यश देती है मन सम्मान मिलता है 

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4.सवारी सियार;- जब शनिदेव सियार पर बैठकर आते है तो व्यक्ति की बूढी नष्ट हो जाती है धन व् यश का नाश हो जाता है 

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5.सवारी हिरन;- हिरन पर सवार होकर जब शनिदेव आते है तो मुत्यु के सामान कष्ट झेलने पड़ते है सब कुश नष्ट हो जाता है 

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6.सवारी कुत्ता;- शनिदेव जब कुत्ते पर सवारी करते है तब अत्यंत भय व् दुःख होता है घर में चोरी का भय रहता है

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7.सवारी गिद्ध;- ज्योतिष के अनुसार, जब शनिदेव गिद्ध पर सवार होकर आते है तो व्यक्ति अनेक रोगों से परेशां रहता है 

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8.सवारी भैंस;- शनिदेव की भैंसे की सवारी धन धन्य व् समुद्धि देने वाली होती है दांपत्य सुख में बृद्धि व् चिंताओं से मुक्ति मिलती है 

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9. सवारी कौआ;- कौए पर सवार शनिदेव समस्त रोगों व् दुखो व् दर्द भरे जीवन से व्यक्ति को अभय प्रदान करते है 

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चाणक्य की 10 नीतियां- आपके सुखी जीवन के लिए है जरुरी

जन्म
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मृत्यु
Ø ईसापूर्व 283पाटलिपुत्र (आज से 2300 साल पहले)
निवास
Ø  पाटलिपुत्र
अन्य नाम
Ø  कौटिल्य, विष्णुगुप्त
विद्यालय
Ø  तक्षशिला
व्यवसाय
Ø  चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री
उल्लेखनीयकाम
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